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हवाई जहाज़ से भी तेज चलने वाली ट्रेन

आज हम आपको बताएंगे हाइपरलूप वन ट्रेन के बारे में। ये ट्रेन दुनिया की सबसे तेज ट्रेन है, जो स्पीड ऑफ साउंड से चलने वाली है। ये बहुत ही ज्यादा तेज होगी। जो वास्तविक ध्वनि की गति (Speed Of Sound) होता है जिसके अंदर 1235 किलोमीटर/घंटे की स्पीड होती है। लेकिन ये ट्रेन 1223 किलोमीटर/घंटे की रफ़्तार से चलेगी। हवाईजहाज़ 780 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से उड़ता है। ये ट्रेन हवाई जहाज़ से भी तेज है।

हाइपरलूप वन ट्रेन की शुरुआत

सबसे पहले बात करते हैं हाइपरलूप वन ट्रेन की शुरुआत कहां से हुई थी। हालांकि ये विचार अभी का नही है बल्कि 2012 का है। इसको एलोन मस्क नाम के वैज्ञानिक लाये थे और ओपन सोर्स के जरिये 2012 में पब्लिश किया था। ताकि दूसरी जो कंपनी हैं, दूसरे जो डेवलपर हैं वो इस विचार को अपनाएं और अपने अपने ब्रांड के जरिये इस तरह की ट्रेन बनाएं।

बताया जा रहा है Virgin नाम की कंपनी जो अमेरिका पर आधारित है, जिनके सीईओ का नाम रिचर्ड ब्रैंसन है, उन्होंने इंडिया के अंदर महाराष्ट्र के साथ में पार्टनरशिप की है। तो इस तरह की ट्रेन हमे इंडिया में देखने को मिलने वाली है। हाइपरलूप वन ट्रेन मुम्बई से पुणे के बीच चलेगी। आमतौर पर मुंबई से पुणे के लिए 3 घंटे लग जाते हैं, लेकिन ये ट्रेन इस 3 घंटे के सफर को 20 मिनट में पूरा कर देगी।

साथ मे आपको बीच मे एक और स्टॉप मिलेगा जो नवी मुम्बई का होगा जहां पर एक एयरपोर्ट भी बनने वाला है। यानि कि एक स्टॉप बीच मे आयेगा उसके बात सीधे पुणे जाएगी।

इस प्रोजेक्ट में खर्च होंगे 20 हज़ार करोड़

ये प्रोजेक्ट 20 हज़ार करोड़ का है और बताया जा रहा है कि ये प्रोजेक्ट अबतक का सबसे सस्ता प्रोजेक्ट है, अगर हम ऐसे बड़े प्रोजेक्ट को दूसरे बड़े प्रोजेक्ट से तुलना करते हैं तो ये वाला अभी तक का सबसे सस्ता प्रोजेक्ट है।

Virgin कंपनी का कहना है कि इस तकनीक से एक्सीडेंट काफी कम होंगे। क्यूंकि ये ट्रेन एक ट्यूब के अंदर से ट्रैवल होगी। साथ मे खबर ये भी है इसकी वजह से काफी सारी नई नई नौकरियां आएंगीं। ये ट्रेन हर साल 15 करोड़ लोगों को सफर कराएगी। ये ट्रेन 1.5 लाख टन का ग्रीन हाउस गैस कम कर देगी। यानि कि बहुत सारे फायदे हैं इस हाइपरलूप वन ट्रेन के।

हाइपरलूप वन ट्रेन क्या है और इतनी तेज कैसे

अब आपको बताते हैं हाइपरलूप वन ट्रेन क्या है, इसकी टेक्नोलॉजी क्या है और इतनी तेज ये ट्रेन क्यों चलेगी ?

हाइपरलूप वन ट्रेन अभी भी पूरी दुनिया के अंदर कमर्शियल उपलब्ध नही है। फिलहाल के लिए ये अभी टेस्टिंग मोड में चल रही है। सबसे पहला इसका टेस्ट अमेरिका में किया गया था। जहां पर Nevada नाम से एक जगह है, जहाँ पर इसकी टेस्टिंग की गयी थी और इसकी स्पीड 385 किलोमीटर/घंटे तक पहुंची थी। हालांकि इसकी स्पीड का लक्ष्य 1223 किलोमीटर/घंटे का है।

हाइपरलूप वन ट्रेन आपको एक पोड के शेप में देखने को मिलने वाला है। जो नार्मल हम ट्रेन के डिब्बे देखते है वो काफी बड़े होते हैं, लेकिन हाइपरलूप वन ट्रेन एक पोड की शेप में होगी, वो इसीलिए क्योंकि ये एक ट्यूब के जरिये यात्रा करेगी, जिसकी वजह से इनकी साइज काफी छोटी होगी।

इस ट्रेन की लंबाई 28 फ़ीट के आसपास होगी। ट्रेन की चौड़ाई 8.9 फ़ीट की होगी और ट्रेन की ऊंचाई सिर्फ 7.9 फ़ीट की होगी। ये ट्रेन काफी छोटी सी ट्यूब साइज में आपको देखने को मिलेगी।

ट्रेन के अंदर जो इलेक्ट्रो मैगनेट मिलते हैं वो इतने ज्यादा पॉवर के होते हैं, जब वो उसको पुश करेगी, इसके पुश के जरिये इतनी ज्यादा तेज चलेगी, बताया जा रहा है स्पीड ऑफ साउंड के टक्कर में ये ट्रेन चलने वाली है, जो कि 1235 किलोमीटर/घंटे की स्पीड ऑफ साउंड होती है, ये 1223 किलोमीटर/घंटे की रफ्तार से चलेगी।

पीछे की तरफ होगा इसका इंजन

इसका इंजन पीछे की तरफ से होगा, ट्यूब में जो हवा होगी ये उसको अंदर की तरफ खींचेगा और जो इलेक्ट्रो मैगनेट भारी भारी नीचे की तरफ लगे हुए हैं ये उसको पुश करेंगे। ये बहुत ही अलग तरीके की तकनीक है। जिसके जरिये बताया जा रहा है ट्रेन कितनी ही तेज क्यों न चले लेकिन एक्सीडेंट होने की उम्मीद बहुत कम हैं।

ट्रेन के जो डिब्बे होंगे यानि कि पॉड्स इनमे एयर प्रेशर काफी कम होगा। हो सकता है इसमे ऑक्सिजन के लिए भी कुछ चीज़ें मिले जैसे हवाई जहाज़ में हमको मिलती हैं।

2019 से बनना शुरू होगी हाइपरलूप वन

बताया जा रहा है 2019 से ये ट्रेन बनना शुरू होगी भारत मे और 2021 के अंत तक ये ट्रेन हमे देखने को मिल सकती है। हालांकि आंध्र प्रदेश के अंदर भी इस ट्रेन की बातें चल रही थीं एक कंपनी से जो अक्टूबर 2017 से इसे शुरू करने को कहा था लेकिन अभी तक ये ट्रेन सामने नही आई। लेकिन महाराष्ट्र के अंदर ये ट्रेन सबसे पहले बनना शुरू होगी।

इंडिया के अंदर हमारी सरकार अच्छे अच्छे प्रोजेक्ट (योजनाएं) लेकर आ रही है जो मेगा प्रोजेक्ट है। काफी अच्छा है कि इंडिया का नाम काफी ऊंचा हो रहा है, क्योंकि बड़े बड़े प्रोजेक्ट हमे इंडिया में भी देखने को मिल रहे हैं।

क्या ये प्रोजेक्ट लाना इतना जरूरी है

लेकिन आपको नही लगता अगर ये खर्चा ऐसी जगह पर हो जिससे हमारे इंडिया के लोगों की गरीबी कम हो। जैसा कि आपको पता है कि इंडिया के अंदर कितनी परेशानियां हैं, पानी की बिजली की ऐसी बहुत सी कमियां हमारे भारत मे देखने को मिल जाती हैं।

अगर ये खर्चा इन बड़े प्रोजेक्ट में न करके पहले उन लोगों पर हो जो गरीब हैं, जो परेशान हैं, जहां गांव में लाइट नही है और जो तकलीफ में आज लोग बैठे हैं, तो कितना अच्छा होगा।

 

बड़े बड़े प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं बहुत ज्यादा पैसा खर्चा हो रहा है। ये सब कब आएगा हमे नही पता क्योंकि प्रोजेक्ट नाम के होते हैं लेकिन रियल में हमे देखने को बहुत देर से मिलते हैं। तारीख तो 2021 रखी है इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की लेकिन कब आएगा 2025 या 2030 में कोई नही जानता।

ये थी जानकारी हाइपरलूप वन ट्रेन के बारे में। अच्छी लगी हो तो लाइक करें और कमेंट करें।

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