Eassay IN Hindi

वायु प्रदूषण क्या है और कैसे बचें?

Air pollution in hindi

दोस्तों हम सभी जानतें हैं वायु का हमारे जीवन मे कितना महत्व है। हमारा शरीर पांच तत्वों से मिलकर बना है। जल, वायु, मिट्टी, आकाश और अग्नि। जिनमे से वायु हमारे लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

वायु इन गैसों का मिश्रण –

वायु कई गैसों का मिश्रण है, जिनमे से सबसे ज्यादा 78 प्रतिशत नाइट्रोजन गैस है, 21 प्रतिशत ऑक्सीजन गैस है, 0.03 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड गैस है 0.90 प्रतिशत अन्य गैसें हैं।

ओजोन क्या है?

वैज्ञानिकों के एक शोध के अनुसार पृथ्वी के वायुमंडल में 6 लाख अरब टन वायु है, यानी कि एक बहुत मोटी परत जिसे ओजोन कहा जाता है। वायु का एक बहुत बड़ा विस्तृत रूप वायु मण्डल में स्थित है।

वायु है बहुमूल्य –

दोस्तों हम भोजन के बिना तो कुछ दिन जीवित रह सकतें हैं। परंतु वायु के बिना एक पल भी जीवित नही रहे सकते। वायु हमारे लिए एक बहुमूल्य स्वरूप है। इसके बिना मनुष्य ही नही बल्कि समस्त जीव जंतु, पेड़-पौधे आदि भी जीवित नहीं रहे सकते।

air pollution in hindi

दोस्तों हम प्रतिदिन वैज्ञानिकों के अनुसार 22,000 बार सांस लेते हैं। मनुष्य को जीवित रहने के लिए 350 लीटर वायु की आवश्यकता होती है। जिसे वह 8500 से 9000 लीटर वायु का शोषण करके प्राप्त करता है।

Air pollution in hindi

खिड़कियां बन्द करके न सोएं

दोस्तों रात में जब हम अपना मुंह ढक कर सोते हैं और खिड़कियां आदि बन्द करके सोते हैं, तो आप अपने कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम करने लगते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने लगती है। जिससे आप के कमरे में शुद्ध वायु आना कमरे में बंद हो जाती है और अनेक रोग उत्पन्न होने लगतें हैं।

शुद्ध वायु हमारे जीवन को हर बीमारी से बचाती है। यदि हमारे जीवन में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, तो हमारा शरीर बीमार और असन्तुलन के कारण हर सफलता तथा बुलन्दियों को छूने में असमर्थ हो जाएगा।

जब हम जानते है वायु का हमारे जीवन में कितना महत्व है फिर भी हम इसे प्रदूषित कर रहे हैं। सरकारें वाहनों और कारखानों से वायु प्रदूषण के नाम पर मोटी रकम जुर्माने के तौर पर बसूलती तो हैं, लेकिन प्रदूषण रोकने का प्रयास नही करती हैं। मनुष्य को वायु के महत्व को समझना होगा, यदि मनुष्य को अपने जीवन की रक्षा करनी है।

वायु प्रदूषण किसे कहते हैं, यानी वायु प्रदूषण की परिभाषा क्या है?

वायु में अनेक प्रकार के घटक यानी कई प्रकार की गैसें सम्मलित हो जाती हैं और ये वायु के जैविक, रासायनिक एवं भौतिक रूप में अवांछित गैसें सम्मलित हो जाने से मनुष्य एवं समस्त जीवित प्राणियों जैसे – जीव जंतु, पेड़-पौधे आदि पूर्ण प्रकृति एवम पर्यावरण को छति पहुंचाती हैं, तो इसे वायु प्रदूषण कहते हैं। लेकिन आज कई कारणों से वायु मण्डल में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।

Air pollution in hindi

वायु प्रदूषण के कारण –

वायु प्रदूषण का मुख्य कारण बढ़ती हुई जनसँख्या व्रद्धि है।

वायु प्रदूषण का मनुष्य एवं सभी जीव-जंतुओं पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे अनेक रोग उत्पन्न होते हैं। मनुष्य को आज जनसंख्या वृद्धि के कारण बड़ी मात्रा में जंगलों को काटना पड़ रहा है, ताकि उन्हें काट कर वह अपने रहने के लिये आवास एवं कारखानो आदि का निर्माण कर सके।

air pollution in hindi

जन संख्या वृद्धि से लोगों को रहने के लिए आवास नही मिलपा रहा है, जिससे लोगो को झोपड़ पट्टियों में रहना पड़ता है। जहाँ उचित नालियों आदि की सुविधाएं नहीं होती हैं। जिसका कारण भी प्रदूषण बनता है।

इसके अलावा पेड़ों का अत्यधिक मात्रा में कटने से जो पेड़ प्राणदायिनी गैस देते हैं, पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड का शोषण करतें है और हमे ऑक्सीजन देतें हैं। जो हमारे लिए अत्यधिक उपयोगी होती है। इसकी मात्रा कम हो रही है, जिससे वायु प्रदूषण हो रहा है।

वायु प्रदूषण से वायु मंडल का संतुलन बिगड़ना

वायु प्रदूषण से वायु मण्डल का सन्तुलन बिगड़ता जा रहा है। वायु मण्डल में दिन प्रतिदिन जहरीली गैसों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। वायु मण्डल में ओज़ोन परत पतली होती जा रही है। ग्लोविंग वॉर्मिंग को बढ़ावा मिल रहा है।

औधोगिक कारखानो एवं कृषि में प्रयोग किए जाने वाले रासायनिक पदार्थों से भी वायु प्रदूषण बढ़ता है। आये दिन औधोगिक कारखानों में दुर्घटनाए बढ़ती जा रही हैं। जिन के कारण भी वायु प्रदूषण बढ़ता है।
यातायात के साधनों के इंजन से, स्कूटर, विमानों, बसों आदि से धुँआ निकलता है, जो वातावरण में मिलकर वातावरण को दूषित करता है।

Air pollution in hindi

वायु प्रदूषण का प्रभाव स्वास्थ्य पर –

वायु प्रदूषण का नकारात्मक प्रभाव मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

वायु प्रदूषण के स्रोतों को दो भागों में विभाजित किया गया है –

  1. प्राकृतिक स्त्रोत
  2. मानव स्त्रोत

प्राकृतिक स्रोत –

प्राकृतिक स्त्रोत जो वायु प्रदूषण उतपन्न करते हैं, जैसे जब तूफान आता है तब वह बड़ी मात्रा में धूल के कण अपने साथ लाता है, जिससे वायु प्रदूषण होता है।

वायु प्रदूषण जंगलों में लगी आग से भी फैलता है। जब जंगलों में आग लगती है, तब अत्यधिक धुआँ उत्पन्न होता है, जो आस-पास के गांव और शहरों को घेरता है। जिससे मनुष्यों को वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ता है।

दलदलों में अपघटित पदार्थों से उत्सर्जित मीथेन गैस से वायु प्रदूषण होता है।

कार्बन डाइऑक्साइड से भी वायु प्रदूषण होता है।

जंगलों में शिकारी जानवर शिकार करके अवशिष्ट को छोड़ देते हैं, जिससे खतरनाक बैक्टीरिया एवम वायरस उत्पन्न होते हैं, जो वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं।

पृथ्वी के साथ धूमकेतु, उल्काओं आदि के टकराव से जो ब्रह्माण्ड में धूल के कण उठतें हैं उनसे वायु प्रदूषण होता है।

ज्वालामुखी विस्फोटों आदि से भी वायु प्रदूषण होता है।

मानव स्रोत –
वायु प्रदूषण मनुष्य के आवासीय और वाणिज्यिक गतिविधियों के द्वारा होता है। इसके अलावा सड़क गतिविधियों आदि के निर्माण से भी वायु प्रदूषण होता है।

वायु प्रदूषण कई प्रकार से होता है, जैसे –

  • इर्धंन की जलन प्रकिर्या द्वारा,
  • घरेलू संचालन में दहन के द्वारा,
  • वाहनों में पेट्रोल के दहन के द्वारा,
  • थर्मल विधुत ऊर्जा के धन द्वारा,
  • कृषि गतिविधियों द्वारा,
  • औद्योगिक गतिविधियों द्वारा,
  • सॉल्वैंट्स के प्रयोग द्वारा,

और भी कई अन्य कारणों से वायु प्रदूषण होता है।

Air pollution in hindi

वायु प्रदूषण के प्रकार –

वायु प्रदूषण दो प्रकार का होता है – भीतरी और बाहरी।

भीतरी वायु प्रदूषण घरों में जलने वाली कोयले, लकड़ी, केरोसिन, रसोई गैस द्वारा उत्पन्न होता है। इन ईंधनों के जलने से कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाई ऑक्साइड जैसी गैसें निकलतीं हैं।

ईंधनों का आधा अधूरा जलने से हाइड्रोकार्बन और चक्रीय यौगिक का उत्पादन होता है, जिससे दो तरह के नुकसान होतें हैं – ये गैसें वायु में मिलकर वायु को अत्यधिक प्रदूषित करतीं और ऑक्सीजन की मात्रा को अत्यधिक कम करतीं हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार हर एक वाहन से 60 टन कण पदार्थ, 630 टन सल्फर डाई आक्साइड, 270 टन नाइट्रोजन ऑक्साइड, 2040 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है जो कि वायु प्रदूषण के लिए काफी है।

वायु प्रदूषण का परिणाम

वायु प्रदूषण का प्रभाव सभी जीव-जंतुओं, मनुष्यों, ईमारतों आदि पर पड़ता है। जिसका उदहारण ताजमहल है जो अत्यधिक वायु प्रदूषण के कारण पिला होता जा रहा है।

वायु प्रदूषण का प्रभाव पेड़-पौधों और जानवरों पर भी होता है। वायु प्रदूषण से मानव में सांस से सम्बंधित अनेक रोग उत्पन्न हो रहे हैं। निमोनिया, उल्टी फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा, एम्फायसेमा, ब्रोकएटिस, ह्रदय रोग, सिरदर्द, जुकाम, खासी और आंखों में जलन आदि रोग उत्पन्न हो रहे हैं।

Air pollution in hindi

वायु प्रदूषण का असर मौसम पर भी अधिक पड़ा है, जैसे कभी बहुत बारिश होना, कभी सूखा पड़ जाना।
वायु प्रदूषण से मनुष्य और प्रकृति पर बहुत बुरा असर पड़ रहा जैसे – ओज़ोन परत का तेजी से पतला होना। यह हल्के नील रंग की एक परत होती है, जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों को सीधे गिरने से रोकती है। यदि ओज़ोन परत नष्ट हो गई तो यूवी किरणे सीधे धरती पर गिरेंगी जिससे मानव और प्रकृति दोनों ही खत्म हो सकते हैं।

ग्रीन हॉउस क्या है?

air pollution in hindi

ग्रीन हाउस एक प्राकृतिक घटना है, जिससे हमारी पृथ्वी गर्म रहती है। अगर ग्रीन हाउस प्रभाव न हो तो हमारी पृथ्वी बहुत ठंडी रहेगी लेकिन वायु प्रदूषण से ग्रीनहाउस पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। सूरज से आने वाली ऊर्जा ग्रीनहाउस तक पहुँचती है, जिसका कुछ अंश मिट्टी, पेड़-पौधों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है।

जिससे ग्रीनहाउस गर्म रहता है। वायु प्रदूषण से इसके तापमान में असन्तुलनता आ गई है।

अम्लीय वर्षा

अम्लीय वर्षा से मनुष्यों और जानवरों की मृत्यु भी हो जाती है। जो समय समय पर देखने को मिलती है। पृथ्वी के वायु मण्डल में जब नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाई आक्साइड जैसी गैसें सम्मिलित हो जाती है, जिससे उनमे क्रिया होती है जो नाइट्रिक एसिड जो गन्धक का तेजाब बनाता है उसी कारण अम्लीय वर्षा होती है।

Air pollution in hindi

वायु प्रदूषण रोकने के उपाय –

वायु प्रदूषण को कम करने के लिए हमे कोयला, पेट्रोल आदि का इस्तेमाल कम करके सौर ऊर्जा, पवन चक्की का उपयोग करना चाहिये।

पेट्रोल वाहनों में कैटेलिटिक कनवर्टर लगाके वायु प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
घरों में धुँआ रहित ईंधनों का प्रयोग करना चाहिए जिससे वायु प्रदूषण कम हो। ओधोगिक चिमनियों की ऊंचाई कम होनी चाहिए, जिससे आस पास कम वायु प्रदूषण हो।

हमे वायु प्रदूषण रोकने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, जिससे वायु प्रदूषण कम हो। पेड़ वायुमण्डलीय कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर लेते हैं, जिससे हमें प्राण दायनी गैस ऑक्सीजन मिलने लगती है। इसलिए हमें सड़कों, रेल लाइनों आदि के खाली जगहों पर अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.