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आखिर क्यों दुनिया के सबसे बड़े साइंटिस्ट स्टीफेन हाकिंग की मृत्यु की असल वजह नही बताई गयी !!

Story Highlights

  • बचपन में ही जकड लिया था बीमारी ने
  • स्टीफन के लिए इंटेल और माइक्रोसॉफ्ट ने बनायीं स्पेशल मशीन
  • मन में सोचकर आँखों से टाइप कर सकते थे
  • स्टीफेन की मृत्यु की खबर उनके घर वालो ने दी

जैसा की हम सब जानते है हमारे बिच आइंस्टीन के बाद सबसे बड़े जो साइंटिस्ट थे वो नही रहे जो की हम जैसे साइंस प्रेमी लोगो के लिए बहुत ही दुःख की बात है. 

बचपन में ही जकड लिया था बीमारी ने

स्टीफेन हाकिंग जो दरअसल बचपन में ही क बहुत  खतरनाक बीमारी ने जकड लिया था जिसके चलते उनकी बॉडी धीरे धीरे लकवे से ग्रसित होने लगी और डॉक्टर  ने जवाब दे दिया था की आने वाले कुछ ही सालो में स्टीफेन नही रहेंगे उनका मतलब था ४-५ साल लेकिन आखिर उनमे कुछ करने की चाह थी शायद इसलिए ही उन्होंने मौत को भी पीछे छोड़ दिया.

स्टीफन के लिए इंटेल और माइक्रोसॉफ्ट ने बनायीं स्पेशल मशीन

जब डॉक्टर ने उनको बीमारी के बारे में बताया था तब स्टीफेन की उम्र महज इक्कीस वर्ष थी और उस समय सन १९६३ चल रहा था . लोगो को तथा उनके माँ बाप को पता लग गया था की स्टीफेन कोई साधारण बालक नही है उन्होंने फिजिक्स के लिए बहुत खोज की थी . लेकिन धीरे धीरे टाइम आगे बढता गया और स्टीफेन हाकिंग की पूरी बॉडी लकवे से  जकड गयी लेकिन सरकार ने इंटेल और माइक्रोसॉफ्ट से स्टीफेन के लिए एक मशीन बनवाई जिससे की स्टीफेन टाइपिंग कर सके.

मन में सोचकर आँखों से टाइप कर सकते थे

जाहिर सी बात है वो हाथ का प्रयोग नही कर सकते थे लेकिन मशीन कुछ ऐसी बनी थी की वो मन में सोचकर आँखों से टाइप कर सकते थे उन्होंने इसी के साथ ही बिग बैंग थ्योरी दी तथा ब्रहमांड को अच्छे से समझाया हर कोई आश्चर्य चकित था क्यों की डॉक्टर के अनुसार स्टीफेन सिर्फ दो या तीन साल  जिते लेकिन उनकी उम्र अच्छी खा सी हो गयी थी.

स्टीफेन की मृत्यु की खबर उनके घर वालो ने दी

पुरे संसार में स्टीफेन हाकिंग की मृत्यु पर चर्चा हो रही थी तथा अभी तक बहुत लोगो को यकीं नही हो रहा.  स्टीफेन ने एक बार बताया था की अगर मनुष्य अमर होना चाहता है तो उसे बिग बैंग थ्योरी समझनी होगी और जो पूरी तह तक ये समझ लेगा उसके लिए समय यात्रा आसान हो जाएगी . स्टीफेन की मृत्यु की खबर उनके घर वालो ने दी थी तथा अनुमान लगाया था की पुरानि बीमारी की वजह से उनकी मृत्यु हुई होगी जबकि असल बात तो फॉरेंसिक रिपोर्ट आने ने बाद ही पता लगेगी.

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