Hindi Poems

माँ के ऊपर बहुत ही प्यारी कवितायेँ

Poem On Mother In Hindi

इस दुनिया मे कोई ऐसी कलम नही जो माँ की महानता बयान कर सके,

इस दुनिया मे कोई ऐसी कलम नही जो माँ की महानता बयान कर सके,

बस उन लम्हो को उन अहसासों को चन्द लब्जो में बयान करना चाहता हूँ,

बस उन लम्हो को उन अहसासों को चन्द लब्जो में बयान करना चाहता हूँ,

जब भी मैं घुटनो पर रेंगता था जब भी मैं घुटनो पेर रेंगता था,

घुटनो पर रेंगते रेंगते चोट मुझे लग जाया करती थी,

तो मुझसे पहले मेरी माँ चिल्लाया करती थी,

तो मुझसे पहले मेरी माँ चिल्लाया करती थी।

मेरे हर सपने हर ख्वाब को उड़ान मेरी माँ ने मुझे दी,

मेरी परछाई को पहचान ऐ मेरी माँ तूने मुझे दी,

ऐ मेरी माँ तूने मुझे दी, ऐ मेरी माँ तूने मुझे दी।

उंगली पकड़ कर मेरी माँ ने आसमान की बुलंदियों तक पहुँचा दिया,

उंगली पकड़ कर मेरी माँ ने आसमान की बुलंदियों तक पहुँचा दिया,

वो मेरी माँ ही थी जिसने मुझे इतना बड़ा बना दिया,

वो मेरी माँ ही थी जिसने मुझे इतना बड़ा बना दिया,

इसलिए मैं कहता हूँ दुनिया मे कोई कलम नही जो माँ की महानता बयान कर सके,

जो माँ की महानता बयान कर सके।

प्रकृति पर बहुत ही प्यारी कवितायेँ

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