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SSC एग्जाम घोटाला की सारी जानकारी और खुलासा

SSC एग्जाम घोटाला ! अगर मैं आपसे कहूं दोस्तों एक ऐसा एग्जाम जिसके लिए आप दिन रात मेहनत करते हैं, पढ़ाई करते हैं, एक ऐसा एक्जाम जिसपर आपका फ्यूचर डिपेंड करता है कि आप को जॉब मिलेगी या नहीं मिलेगी।

जब आप इस एग्जाम को लिखने जाते हैं तो आप देखते हैं वहां पर बड़े स्केल पर चीटिंग हो रही है, एक ऑर्गेनाइज तरीके से चीटिंग हो रही है कि जो जो स्टूडेंट पैसे दे देते हैं उन को पास कर दिया जाता है और आप जैसे स्टूडेंट्स रह जाते हैं। कैसा लगेगा आपको ये सुनते हुए। ऐसी कुछ हुआ है लाखों स्टूडेंट्स के साथ देशभर में, जो SSC का एग्जाम लिखने गए थे।

SSC एग्जाम घोटाला

SSC, CGL स्टाफ सिलेक्शन कमीशन का जो कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जाम होता है, ये सेंट्रल गवर्नमेंट के अलग-अलग मिनिस्ट्रीस और अलग-अलग डिपार्टमेंट में गवर्नमेंट जॉब लेने के लिए होता है। इस साल करीब करीब 1 लाख 90 हज़ार कैंडिडेट थे इस एग्जाम को लिखने वाले और करीब करीब 9000 वैकेंसी थीं इन जॉब्स के लिए।

इस साल का SSC, CGL का टियर-2 एग्जाम 17 फरवरी से लेकर 22 फरवरी के बीच में हुआ, देशभर के 206 सेंटर्स में। 21 फरवरी को इस सारे विवाद की शुरुआत हुई।

असल में इस एग्जाम के दो पार्ट होते हैं एक मैथ्स और एक इंग्लिश। Maths वाला एग्जाम 10:30 से लेकर 12:30 तक सुबह होना था और 9:45 am पर 21 फरवरी को किसी ने Math वाले एग्जाम की सारी Answer Keys लीक कर दीं सोशल मीडिया पर, तो 10:45 तक एग्जाम को हुए 15 मिनट शुरू हुए थे, SSC ने सारी जगह एग्जाम कैंसिल करा दिया, सारे एग्जाम सेंटर्स में।

एसएससी ने कहा तकनीकी गलतियाँ

इन्होंने नोटिस इशू करके यह कहा कि तकनीकी गलतियों की वजह से हमें एग्जाम को रीशेडूयल करना पड़ रहा है और इस एग्जाम को रीशेड्यूल करके सेम दिन 12:15 पर रीशेड्यूल कर दिया गया, तो रीशेड्यूल वाला एग्जाम 12:15 पर सारे स्टूडेंट्स ने दिया और उस एग्जाम को लिखने के बाद सोशल मीडिया पर एक और इमेज लीक हुई। वो ये इमेज थी जिसको अभी हम स्क्रीन पर दिखा रहे हैं।

SSC एग्जाम घोटाला की पहली तस्वीर !

तो यह फोटो निश्चित रूप से एक प्रूफ़ है कि रीशेड्यूल वाले एग्जाम में भी चीटिंग हुई है। यह फोटो दिखाती है हमें कि एक रिमोट सर्वर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

रिमोट सर्वर से हुआ SSC एग्जाम घोटाला

जैसा कि आपको पता होगा टीम व्यूअर एक सॉफ्टवेयर है जिसमें कि आप कहीं और बैठकर किसी और के कंप्यूटर से अपने कंप्यूटर को एक्सेस दे सकते हैं। जिससे कि वो सारी फाइलें खोल पाए और कंप्यूटर को कंट्रोल कर पाए। चाहें कहीं क्लिक करना हो या कोई साइट खोलनी हो।

कोई रिमोट सर्वर पर एग्जाम दे रहा था। आपको एग्जाम देने वाले का नाम भी दिख सकता है। इसका नाम सचिन चौहान है, इसका रोल नंबर भी देख सकते हो आप।

SSC एग्जाम घोटाला !

इस स्टूडेंट ने ये एग्जाम खुद से सॉल्व नहीं किया है, इसका एग्जाम किसी और ने सॉल्व किया कहीं और बैठकर।

यह फोटो जो ली गई है एग्जाम सेंटर में नहीं ली गयी है, एग्जाम सेंटर में कोई फोन निकालकर फोटो क्यों लेना चाहेगा, पोसिबल भी नहीं होगा क्योंकि एग्जाम सेंटर्स में बहुत स्ट्रिक्ट चेकिंग होती है। कोई आपकी घड़ी कोई कैमरा कुछ भी अंदर नहीं ले जाने देते। यह फोटो उस दूसरे कंप्यूटर पर ली गई है, उस बंदे के कंप्यूटर पर जो उसका एग्जाम सॉल्व कर रहा था, कहीं पर और बैठ के।

आप इस फोटो में डेट और टाइम देख सकते हैं 21 फरवरी 12:30 के आसपास जिस टाइम पर रीशेड्यूल एग्जाम चल रहा था।


आप इस फोटो में यह भी देख सकते हैं, सबाल जो कि स्टूडेंट के Questions पेपर में आया था।

क्या यह पिक्चर फोटोशोप है

अब कुछ लोग कहेंगे कि यह पिक्चर फोटोशॉप भी हो सकती है, बिल्कुल हो सकती है, लेकिन दोस्तों ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जिनमें डाल कर चेक किया जा सकता है कि कोई फोटो फोटोशॉप है या नहीं है। और जब सॉफ्टवेयर में डालकर पता लगाया तो पता चला कि ये फोटो फोटोशॉप नही हैं।

एक और चीज जो इसकी सत्यता को जाहिर करती है वो ये है कि यह फोटो इकलौती फोटो नहीं है जो लीक हुई है, इसके साथ-साथ दो और एक जैसी फ़ोटो लीक हुई हैं जिनमें एक मिनट के आसपास का टाइम डिफरेंस है और अलग अलग कुएसशन्स उस फ़ोटो में हैं। ये सारे 3 फोटोज है जो इस बात का प्रूफ हैं कि नकल हुई है।

इस लीक के जबाब में SSC ने 23 फरवरी को नोटिस जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है यह मैन्यू प्लेटेड फोटो है और किसी की यह चाल है आर्गेनाईजेशन को बदनाम करने की।

यानी उन्होंने पूरी तरह से इससे इनकार कर दिया कि नकल हुई थी।

लेकिन अगले ही दिन 24 फरवरी को SSC ने एक यूटर्न मार लिया और एक नोटिस जारी किया ये कह के कि टेक्निकल रीज़न की वजह से हमे इस एग्जाम को दोबारा से लेना पड़ेगा और अब 9 मार्च से एग्जाम दोबारा से लिया जाएगा।

बहुत से स्टूडेंट्स मानते हैं कि एसएससी वाले चाहें कुछ भी कह लें, कि टेक्निकल रीजन थे हमारे या कुछ भी फलाना ढिकाना थे, लेकिन इनका जो मेन रीजन था वह यही था कि उस टाइम पर चीटिंग पकड़ी गई, अब इसकी वजह से एग्जाम दोबारा से लिया जाएगा।

स्टूडेंट्स के साथ नाइंसाफी

लेकिन स्टूडेंट्स परेशान इस बात से हैं कि एग्जाम बार बार रीशेड्यूल होते जाते हैं, बार बार चीटिंग पकड़ी जाती है। ये तो कुछ केस सामने आएं हैं चीटिंग के लेकिन ऐसे कितने और केस हैं देशभर में जो होते हैं और पकड़े नही जाते। ये बहुत ही नाइंसाफी है स्टूडेंट्स के लिए।

इसके बाद स्टूडेंट्स ने डिसाइड किया कि वो विरोध करेंगे इनका ये प्लैन नही था कि देशभर में सड़कों पे खड़े हो जाएंगे विरोध करने के लिए। इनका प्लैन शुरू में यही था कि एसएससी के पास जाएंगे शान्तिपूर्पक और एक डिमांड करेंगे की एक Enquiry करो जो ये चीटिंग के केसेस हो रहे हैं इसके बारे में।

इनको उम्मीद थी कि एसएससी मान लेगी और इंक्वायरी कर देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और दिन पर दिन ये प्रोटेस्ट बड़ा होता गया और स्टूडेंटस भी साथ में जुड़ते रहे और ये एक बहुत ही बड़ा प्रोटेस्ट बन गया स्टूडेंट्स के लिए देशभर में, लेकिन चौंका देने वाली बात यह है दोस्तों कि जैसे जैसे और स्टूडेंट्स आते गए और प्रूफ आते रहे यहां तक कि 28 से 29 फरवरी तक तो पूरा का पूरा पेपर लीक दिखा दिया स्टूडेंट्स ने।

लीक हुईं 300 से ज्यादा पिक्चर

अब तक टोटल 300-400 से ज्यादा फोटो लीक हो चुकी हैं जो दिखाती है कि यह जो चीटिंग हुई थी एक बहुत ही बड़े स्केल पर हुई थी, बहुत ही बड़े स्केल पर करप्शन थी, जिसमें ऑर्गेनाइज तरीके से हर एक आदमी को पैसे खिलाकर यह काम किया जाता है।

पिछले कई दिन से अभी तक विरोध चल रहा है और विरोध करने वाले स्टूडेंट्स रात को भी सड़कों पर ही सो रहे हैं। इन्होंने होली तक सेलिब्रेट नहीं की अपने घर में जाकर।

तो मुद्दा अब ये है दोस्तों की स्टूडेंट्स बहुत नाराज हैं SSC से और हमारी सरकार से। यह लोग पहले तो इनकार करते हैं कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं, उसके बाद कहते हैं कि टेक्निकल गलतियां, उसके बाद एग्जाम को दोबारा से लेने को भी कह देते हैं और फिर कहते हैं कि डिफेम करने की कोशिश की जा रही है हमारी ऑर्गनाइजेशन को। तो इनका कोई इंटरेस्ट नहीं है, कुछ लोग तो यह भी मानते हैं कि SSC एग्जाम घोटाला में SSC के लोग खुद शामिल है इस करप्शन स्कैम में कि पैसे लेते हैं स्टूडेंट्स से और चुन चुन के फिर उनको पास करवाते हैं जो जो पैसे दे देते हैं।

विरोध करने वाले स्टूडेंट्स की डिमांड

प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट की सिर्फ एक ही डिमांड है वह है कि एक इंडिपेंडेंट CBI इंक्वायरी करी जाए स्कैम में, इस बड़ी चीटिंग में, जिससे ये पता चले कि कौन है यह जो करवा रहा है और कितने लोग शामिल है इसमें। क्योंकि ये कोई छोटी मोटी चीटिंग तो है नहीं कि कोई चिट्स लेकर आ गया हो या अपने हाथ पर आंसर लिख रहा हो चीटिंग करने के लिए।

ये एक ऐसी चीटिंग है जिसमें कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होना चाहिए। यह सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किन-किन कंप्यूटर में होगा यह कैसे पता लगेगा और जिस बच्चे ने पैसे दिए हैं वह उसी सीट पर आकर बैठेगा यह कैसे पता लगेगा? यह तभी हो सकता है जब एग्जाम सेंटर के लोग खुद इसमें शामिल हों।

पैसे लेके होता है ये सब काम

वह पैसे लेते हों स्टूडेंट्स को 1 सीट पर बैठाने के लिए। जो SSC के एग्जाम होते हैं दोस्तों इनमें जो सीट असाइन की जाती है स्टूडेंट को रोल नंबर के अकॉर्डिंग वो रेंडमली की जाती हैं और वह उनके ऊपर होता है जो एग्जाम सेंटर वाले लोग होते हैं, तो एग्जाम सेंटर वाले लोग इस चीज में शामिल हैं इसके बहुत ज्यादा चांस हैं।

दूसरा ये हो सकता है कि जो कंपनी जिसको ये टास्क दिया गया कि वहां पर कंप्यूटर्स रखेगी उस एग्जाम सेंटर में, उन्होंने ये सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर दिया हो, तो वह कंपनी भी शामिल हो सकती है।

तीसरा ये हो सकता है कि एसएससी के लोग खुद ही शामिल हो इस चीज में जो कि सबसे दुख की चीज़ होगी, क्योंकि टॉप लेवल पर करप्शन हो जाता है फिर तो ये।

ऐसा हो सकता है लेकिन 100% निश्चित होकर इस बात पर नहीं कहा जा सकता लेकिन चांस जरूर हैं। कम चांस हैं लेकिन चांस जरूर हैं।

इन स्टूडेंट्स को सपोर्ट करना बहुत जरूरी है हमारे लिए। ये एक इकलौता केस नही है, SSC एग्जाम घोटाला तो सिर्फ एक केस है जो सामने आया, ऐसे बहुत से एग्जाम हो रहे हैं, ऐसे बहुत से प्रूफ़स आ रहे हैं चीटिंग के जिसमे कररप्शन हो रही है, पैसे खिलाये जा रहे हैं और उनको पास किया जा रहा है।

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