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2018 का Best मोटिवेशन इमेजिनेशन

इंसान के अंदर एक चीज होती है, जिसकी वजह से आज इतनी तरक्की कर पाया है। जो जानवरों में नहीं होती। जिसने अपने लिए इतनी चीजें बना ली हैं। हम बड़े-बड़े लोगों के बारे में पढ़ते हैं, उनके बारे में जानकर मोटिवेट होते हैं। जानकर हैरान होते हैं। यह जानकर कि उन्होंने इतना कुछ हासिल कैसे कर लिया। इन सबका कारण एक चीज इमेजिनेशन है।

इमेजिनेशन

इमेजिनेशन आपको अनुमति देती है उन चीजों को देखने को जो फ्यूचर में होगा। उन सब चीजों को जो अबतक नही हुआ। आज से 10 साल बाद, 20 साल बाद, 30 साल बाद आप अपने आप को कहां तक देखना चाहते हो, क्या बनना चाहते हो, क्या बन रहे हो वह सब आज आप इमेजिन कर सकते हो।

अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था,

“लॉजिक से आप सिर्फ A से B तक जाते हो लेकिन इमेजिनेशन आपको हर जगह ले जाती है। इमेजिनेशन नॉलेज से कहीं ज्यादा इंपोर्टेंट है। नॉलेज लिमिटेड होता है। इमेजिनेशन से पूरी दुनिया घूम सकते हो। बुद्धिमानी का पता नॉलेज से नहीं बल्कि इमेजिनेशन से लगता है। इमेजिनेशन और क्रिएटिविटी जब मिलती है तो पूरी दुनिया बदल जाती है और बदली है”।

आज से बहुत साल पहले जब पूरी अर्थ पर कुछ भी नहीं था उसे इमेजिन करो और आज की दुनिया देखो। ये आपके हाथ में फोन, इंटरनेट, YouTube जिन जिन लोगों ने इनको बनाया था इनको बनाने से पहले पूरी तरह से इमेजिन किया था। आपके हाथ में जो फोन और लैपटॉप है जिससे आप ये पढ़ पा रहे हो उसकी खोज होते-होते यहां तक पहुंचने में सबसे बड़ी चीज जो शामिल है वो है इमेजिनेशन।

कुछ लोगों के लिए छोटी बात हो सकती है कि कोई अपनी बात पूरी दुनिया को बता सकता है लेकिन मेरे लिए यह किसी जादू से कम नहीं है। हजार साल पहले इसकी बात करें तो यह इंपॉसिबल था। Today it’s Possible it’s only possible Because Of Imagination.

लोग जब ये कहते हैं ये पॉसिबल नहीं है, चल बे पागल मत बन, थोड़ा लॉजिकल सोच, थोड़ा दिमाग लगा, ये कैसे हो सकता है। होता हैना ऐसा, कई बार होता है। लेकिन वह हर चीज पॉसिबल है जो सोची जा सकती है।

आपको इमेजिनेशन की पावर जब समझनी है तो एक प्रेक्टिकल करो। एक ऊंची हाइट पर जाकर इस दुनिया को देखो और इमेजिन करो इस दुनिया में इतनी अच्छी-अच्छी रोड हैं, एक से एक गाड़ियां हैं इतनी बड़ी बड़ी बिल्डिंग्स, कैसे पॉसिबल हो सकता है?
बुर्ज खलीफा बिल्डिंग को इमेजिन करो। दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग, ये सब कैसे पॉसिबल हो सकता है।

ऐरोप्लेन को देखकर कभी ये नहीं आता है कि ये कैसे पॉसिबल हुआ। किसी ने सोचा कैसे होगा, हजारों लोग एक दिन स्टील के बॉक्स में ट्रेवल करेंगे जिसका नाम होगा एयरोप्लेन। क्या वह इमेजिनेशन नहीं थी, वह इमेजिनेशन थी लेकिन उसके साथ खप जाने का इरादा भी था।

टेक्नोलॉजी की अगर हम बात करें, आपके हाथ में इतनी एडवांस टेक्नोलॉजी है, जिसे आप यूज करते हो। आपको पता नहीं है इसके पीछे ना जाने कितने लोगों ने अपने नींदें उड़ाई हैं, काम किया है रात रात भर जग कर, रो-रो कर, परेशान होकर। आखिरकार उन लोगों ने अपनी इमेजिनेशन को पूरा कर दिया। क्या वह पैसे के लिए कर रहे थे, “नहीं” पैसों के लिए कोई इतना नहीं कर सकता। काम से प्यार में जो इंसान पागल बन जाता है, अपना सब कुछ देने को तैयार होता है, ये पैसों की लालच में पॉसिबल नहीं है।

स्टीव जॉब्स ने एक बात कही थी, “वह लोग जो पागल होते हैं, यह सोचते हैं कि मैं पूरी दुनिया बदल सकता हूं। वो उनमें से होते हैं जो बदलते भी हैं”।

स्टीव जॉब्स को भले ही अपनी कंपनी से निकाल दिया गया। लेकिन उन्होंने दो और कंपनी की शुरुआत की, दोनो सफल हुई हैं।

वॉल्ट डिज्नी को एक न्यूज़ पेपर से बाहर कर दिया गया था, इमेजिनेशन की कमी की वजह से और कोई ओरिजिनल Idea नहीं होने की वजह से। लेकिन बाद में अपने इमेजिनेशन के दम पर उन्होंने मिकी माउस बनाया।

जो आपकी इमेजिनेशन पर हंसने वाले हैं वो केवल कुछ वक्त तक रहेंगे, वो चले जाएंगे और आप भी चले जाओगे इस दुनिया से लेकिन अगर आपने जो इमेजिन किया और उसपर काम किया, उसे हकीकत बनाने में पूरा पार्टिसिपेट किया। फिर किसी और को आपके आईडिया के बारे में पता चला, उसने भी उस में पार्टिसिपेट किया, आगे से आगे बढ़ता गया उस से रिलेटेड खोजें होती गयीं। आपकी की गई इमेजिनेशन इस तरह हमेशा तक रहेगी।

लेकिन जो छोटा सोचने वाले हैं, जो लोग आपके ऊपर हंसने वाले हैं, वो हमेशा तक नहीं हैं। इमेजिनेशन के साथ में आपको खुद पर यकीन करना होगा क्योंकि विश्वास से आप पूरा माउंटेन पार कर सकते हो। लेकिन डाउट्स से आप और माउंटेन बना देते हो। जब आपको यह लगता है कि कोई रास्ता ही नहीं है, जरूरी नहीं वहां आप सही हो। आप अपना एक हाथ ऊपर करो, जितना हो सके उतना ऊपर करो, पूरी ताकत लगाकर ऊपर करो कि उससे ऊपर जा ही नही सकता। क्या आप इसके ऊपर हाथ नहीं ले जा सकते, लेकिन आपको पता है अब भी आपका हाथ और ऊपर जा सकता है। गहरी सांस लो, थोड़ा और ऊपर जाएगा। इसका मतलब जब आप सोचते हो, इससे आगे कुछ भी नहीं है, हो सकता है वहाँ आप गलत हो।

इस पूरी दुनिया को कैनवास समझो और इसको इमेजिनेशन से भरने की कोशिश करो और उसमें जुट जाओ। होगा या नहीं होगा वह बहुत सारे फैक्टर्स पर डिपेंड करता है। जैसे एडिसन ने 999 बार फेल होने के बाद में बल्ब बनाया। 999 फेल होने के कारण तभी पता चले जब उन्होंने कोशिश की थी।

आप कुछ भी इमेजिन कर रहे हो, हो सकता है सुनने वाले उस पर हंसे क्योंकि जिनको रियलिटी में चाहिए उनकी इमेजिनेशन कमजोर होती है। गलती दरअसल उनकी भी नहीं है क्योंकि आप अपने बीते हुए एक्सपीरियंस के बेस पर इमेजिन कर रहे हो। जो सामने वाले के बीते हुए एक्सपीरिएंस से बिल्कुल अलग है।

जितने भी लोग हैं जिन्होंने बड़ी बड़ी खोज कि उनका नाम रह गया। आप भी जाओगे आप पर हंसने वाली भी जाएंगे बस आपकी इमेजिनेशन रह जाएगी। अगर आपने उसके ऊपर काम किया तो।

बेंजामिन फ्रैंकलिन ने इलेक्ट्रिसिटी की खोज कि उनको यह पता नहीं था कि इस खोज की वजह से इस दुनिया में इतना बड़ा बदलाव आ जाएगा। इलेक्ट्रिसिटी के बिना इंटरनेट पॉसिबल नहीं होता, TV, कंप्यूटर, मोबाइल कुछ पॉसिबल नही होता। बेंजामिन से तो सिर्फ इलेक्ट्रिसिटी बनाई थी यानी इमेजिन एक करता है, उस को आगे से आगे ले जाने में दूसरे भी जुट जाते हैं। सच्चे दिल से चाहने से इस तरह सारी कायनात मिलाने में जुट जाती है।

आज अगर आप कुछ भी कर रहे हो, आपकी लाइफ कैसी भी है, तो कहीं ना कहीं आपने ये इमेजिन की थी, आपने जब भी यह कहा होगा कि मैं ये नहीं कर सकता या ये नहीं हो सकता और उसके लिए कोई भी एक्शन नहीं लिया, आपने इमेजिन किया कि यह मेरे बस की बात नहीं है क्योंकि ये इतने लोग कह रहे हैं हो सकता है वो सही हैं, देखो आपने सही तो इमेजिन किया था लेकिन आपने वो नहीं किया। आज आपकी लाइफ वैसी ही है जैसे इमेजिन की थी। मुझे पूरा यकीन है कि आप अपने सपनों को इमेजिन करोगे और उसको रियलिटी में बनाने में जुट जाओगे।

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