Dosti Shayari

बिगड़ी हुई ज़िन्दगी की बस इतनी सी कहानी है, की कुछ तो मैं पहले से ही था कमीना, और कुछ मेरे दोस्तो की महरबानी है।


समंदर न हो तो कसती किस काम की, मज़ाक न जो तो, मस्ती किस काम की, ये जिंदगी कुर्बान है दोस्तो के लिए, अगर दोस्त न हो तो जिंदगी किस काम की।


दोस्तो ये आप के लिए, रात को पूछा मुझसे चंद सितारों ने, तुझे भुला दिया तेरे जिगनी यारों ने, मैन कहा फरियाद तो करते होंगे, अरे मेरा Massage पढ़ कर मुझको याद तो करते होंगे।


दोस्ती में सच्चाई और दोस्ती में अच्छाई कभी खत्म नही होती, दिल तो Lover तोड़ते हैं, सच्चे दोस्त तो सिर्फ दिल जोड़ते हैं।


वो सच्चे दोस्त ही होते हैं, जिनके साथ हम जी भर कर हँसते हैं, और दिल टूट जाने पर, दोस्तो के साथ जी भर कर रहते हैं।


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