Dard Bhari Shayari Image 10

  • Version
  • Download 86
  • File Size 718.60 KB
  • File Count 1
  • Create Date January 25, 2020
  • Last Updated January 25, 2020

हँसते हुए ज़ख्मों को भुलाने लगे हैं हम;
हर दर्द के निशान मिटाने लगे हैं हम;
अब और कोई ज़ुल्म सताएगा क्या भला;
ज़ुल्मों सितम को अब तो सताने लगे हैं हम।

Back to top button