Motivational Shayari Image 08

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  • Create Date January 25, 2020
  • Last Updated January 25, 2020

परिंदा कहता है अपने पँखो को खोलकर, अभी तो पूरी उड़ान बाकी है,
अभी तो एक मुट्ठी ज़मीन ही ली है, अभी तो पूरा आसमान बाकी है।
लहरों को शांत समझ कर ये मत सोचना के उसमे रवानी नही है,
समुद्र में जितनी गहराई है उतना ही उसके ऊपर तूफान बाकी है।

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