Love Shayari

Love Shayari DP

कभी फुर्सत मिले तो
हमे ज़रूर बताना,
की वो कोनसी मोहब्बत
थी जो हम तुम्हे दे न सके।


नींद भी नीलाम हो जाती है,
दिलो की महफ़िल में जनाब,
किसी को भूल कर सो
जाना इतना आसान नही होता है।


अपनी इन खामोश आँखों में
और कितनी वफ़ा रखूँ,
तुम ही को चाहूँ और
तुम्ही से फासला रखूँ।


सफर-ऐ-मोहब्बत
अब खत्म ही समझिये जनाब,
अब उनके पास से
जुदाई की महक आने लगी है।


वो समझे या ना समझे
मेरे जज़्बात को,
लेकिन मुझे तो मानना
पड़ेगा उसकी हर बात को,
हम तो चले जायेंगे इस
दुनिया से लेकिन, वो
आँसू बहाएंगे बैठ
कर हर रात को।


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