Sad Shayari

यूँ सजा न दे मुझे बेकसूर हूँ मैं,
अपना ले मुझे गमों से चूर हूँ मैं,
तू छोड़ गई हो गया मैं पागल,
और लोग कहते है बड़ा मगरूर हूँ मैं।

Sad Shayari


तेरा मेरा दिल का रिश्ता बड़ा अजीब है,
मीलों की हैं दूरियां लेकिन फिर भी धड़कन करीब है।

Sad Shayari


हम उसके चेहरे को कभी कभी रुख से उतार देते है,
कभी कभी तो हम खुद को ही मार देते है।

Sad Shayari


न जाने क्यों ये लहरे समंदर से टकराती है,
और फिर समंदर में लौट जाती है,
कुछ समझ नही पाते की किनारों से वेबफाई करती है,
या समंदर से वफ़ा निभाती है।

Sad Shayari


कभी गम तो कभी वेबफाई मार गई,
कभी उनकी याद आई तो जुदाई मार गई,
जिसको हमने बेइन्तहा मोहब्बत की,
आखिर में हमे उसी की वेबफाई मार गई।

Sad Shayari

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